
हरतालिका तीज पर शिव-पार्वती की आराधना, महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत।
विट्ठल मंदिर में पूजा-अर्चना और कथा का आयोजन, नंदेश्वर महादेव व मुनि बाबा मंदिर में भी उमड़ी महिलाएं।
खंडवा। हरतालिका तीज का पर्व सोमवार को शहर से लेकर गांव तक धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। महिलाओं ने पति की लंबी आयु और युवतियों ने अच्छे वर की कामना को लेकर निर्जला व्रत रखा। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि विभिन्न मंदिरों में भगवान शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना कर हरतालिका तीज की कथा सुनी गई। रात में महिलाओं ने भजन और नृत्य के माध्यम से भी भगवान शिव-पार्वती की आराधना की।
विट्ठल मंदिर में विधि-विधान से पूजा
विट्ठल मंदिर में हरतालिका तीज के अवसर पर विशेष पूजा का आयोजन किया गया। मंदिर व्यवस्थापक पं. राम श्याम आष्टेकर ने महिलाओं को हरतालिका की पूजा विधि-विधान से कराई और कथा का श्रवण कराया। बड़ी संख्या में महिलाओं ने मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की तथा हरतालिका तीज की कथा सुनी।
सुनील जैन ने बताया की हिंदू मान्यताओं में हरतालिका तीज को महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इस अवसर पर महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और सुखी दांपत्य जीवन की कामना से निर्जला व्रत रखती हैं। वहीं युवतियां मनचाहे एवं अच्छे वर की कामना से व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं।
नंदेश्वर महादेव मंदिर में भी महिलाओं ने की पूजा
नंद विहार कॉलोनी स्थित नंदेश्वर महादेव मंदिर में भी महिलाओं ने हरतालिका तीज पर पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने भगवान शिव-पार्वती की आराधना कर व्रत की पूजा संपन्न की। मंदिर परिसर में धार्मिक माहौल बना रहा।
इसी तरह बजरंग चौक स्थित मुनि बाबा मंदिर एवं शहर के अन्य मंदिरों में महिलाओं ने पहुंचकर पूजा-अर्चना की और हरतालिका तीज का व्रत विधि-विधान से पूरा किया।
भजन-नृत्य से की आराधना
हरतालिका तीज के अवसर पर महिलाओं में विशेष उत्साह नजर आया। दिनभर पूजा और कथा के बाद रात में कई स्थानों पर महिलाओं ने भजन-कीर्तन और नृत्य के माध्यम से भगवान शिव-पार्वती की आराधना की। पर्व को लेकर मंदिरों और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक वातावरण बना रहा।
शहर से लेकर गांवों तक महिलाओं ने परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ हरतालिका तीज का पर्व मनाया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।












